भारत का राष्ट्रगान (जन गण मन) हिंदी में national anthem of india lyrics in hindi

भारत का राष्ट्रगान (जन गण मन) हिंदी में – हमारा राष्ट्रीय गान हमें देश की स्वतंत्रता को याद दिलाता है किस तरह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारे देश को आजाद कराया यह राष्ट्रगान उन सभी की शहीद होने की वजह हमें हमेशा याद दिलाता रहा है और रहेगा। national anthem of india lyrics in hindi

हमारे देश को आजाद करने में काफी ज्यादा मेहनत लगी है, आज हम जिस लोकतांत्रिक देश में रह रहे हैं उसका गठन आज से 75 वर्ष पहले स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान देकर की है। इस बात को हम 15 अगस्त 26 जनवरी के दिन याद करते हैं कि किस तरह उन्होंने हमें आजादी दिलाने के लिए अपनी जान दे दी।

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भारत के राष्ट्रगान का इतिहास

भारत के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा जन गण मन लिखा गया हैं। जन गण मन को भारत के राष्ट्रीय गान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया था।

सन 1911 ईस्वी में राष्ट्रीय गान को मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा गया था और इस स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गया गया जिससे भारतीयों में देशभक्ति का जोश भरा ।

भारत का राष्ट्रीय गान जन गण मन कुछ खास अवसरों पर ही गया जाता है। इसे हिंदी से आबिद अली द्वारा उर्दू में अनुवाद किया गया था। राष्ट्रीय गान को पूरा संस्करण गाने में 52 सेकंड का समय लगता है।

पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के द्वारा अनुरोध करने पर संगीतकार हर्बट मुरिल्ल के द्वारा राष्ट्रगान को ऑर्केस्ट्रा की धुन पर गाया गया था। रविंद्रनाथ टैगोर के द्वारा राष्ट्रगान का अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है। रविंद्र नाथ टैगोर ने बांग्लादेश के राष्ट्रगान की भी रचना की थी।

भारत के राष्ट्रगान (जन गण मन) का संपूर्ण संस्करण

राष्ट्रीय गान के संपूर्ण संस्करण को 52 सेकंड में गाया जा सकता है परंतु हमारी राष्ट्रगान का छोटा संस्करण भी है, सबसे पहले राष्ट्रगान के संपूर्ण संस्करण के बारे में जानते हैं कि क्या है –

“जन गण मन-अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता!

पंजाब सिंधु गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंगा

बिंध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग

तब शुभ नामें जागे तब शुभ आशीष माँगे,

गाहे तब जय – गाथा।

जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता!

जय हे जय हे जय हे जय जय जय जय हे.”

राष्ट्रीय गान को सावधान की मुद्रा में गया जाता है इसे बैठकर या अन्य किसी मुद्रा में नहीं गा सकते क्योंकि राष्ट्रीय गान का सम्मान करना अति आवश्यक है।

भारत के राष्ट्रगान का छोटा संस्करण

राष्ट्रगान के छोटा संस्करण को गाने में सिर्फ 20 सेकेंड का वक्त लगता है।

“जन-गन-मन-अधिनायक जय हे

भारत-भाग्य-विधाता

जय हे जय हे जय हे,

जय जय जय, जय हे…..”

भारत के राष्ट्रगान जन गण मन का अर्थ

1950 ईस्वी में राष्ट्रीय गान में बहुत सारे संशोधन किए गए थे जिसके कारण राष्ट्रीय गान को बदला गया था।

राष्ट्रगान में सिंध की जगह पर सिंधु शब्द डाला गया इसका वजह यह था कि जब हमारे देश का बंटवारा हुआ तो इलाका पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था इसलिए हमें राष्ट्रगान में कुछ बदलाव करने पड़े थे।

राष्ट्रीय गान का मतलब जानते हैं।

“सभी इंसानों के दिमाग के शासक कला तुम ही हो

भारत की किस्मत बनाने वाले।

तुम्हारा नाम पंजाब, सिन्ध, गुजरात और मराठों के दिलों के साथ ही बंगाल, ओड़िसा, और द्रविड़ों को भी उत्तेजित करता है,

इसका शोर विन्ध्य और हिमालय के पहाड़ों में सुनाई पड़ता है,

गंगा और जमुना के संगीत में मिलती है और भारत की समुद्र की लहरों के द्वारा बखान किया जाता है।

वो तुम्हारे आर्शीवाद के लिये विनती करते है और तुम्हारी तारीफ के गीत गाते है।

तुम्हारे हाथों में ही सब की सुरक्षा का इंतजार है,

तुम भारत की किस्मत को बनाने वाले।

जय हो जय हो जय हो तुम्हारी।”

राष्ट्रीय गान पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया

पहले साल 1975 तक सिनेमाघरों में फिल्म समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय गान जन गण मन अधिनायक जया हे का पूर्ण संस्कार किया जाता था परंतु देश के नागरिक इसे सम्मान नहीं देते थे कुछ लोग बैठकर तो कुछ लोग खा रहे ऐसा कर राष्ट्रीय गान को सुनते थे तो राष्ट्रीय गान बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था क्योंकि यह हमारे राष्ट्र का एक प्रमुख गान है जिसकी हम आलोचना नहीं कर सकते।

परंतु कुछ सालों के बाद केरल गवर्नमेंट के द्वारा गवर्नमेंट सिनेमाघरों में फिर से राष्ट्रीय गान को बढ़ावा दिया गया फिल्म स्टार्ट होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाने लगा।

वर्ष 2016 में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया देशभर के सिनेमाघर में राष्ट्रीय गान जन गण मन को बजाना फिर से अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया था कहा गया कि राष्ट्रीय गान बजाते समय पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अनिवार्य रूप से दिखाया जाना चाहिए और इसके साथ ही राष्ट्रीय गान के समय हॉल में मौजूद सभी लोगों को खड़ा होना आवश्यक होगा।

इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 51 (ए) का हवाला देते हुए कहा था कि भारत के प्रत्येक नागरिकों का कर्तव्य है कि वह संविधान द्वारा बनाए गए आदर्श का सम्मान करें इसके बाद 30 नवंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय गान को लेकर एक नया फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि सिनेमाघर में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं है,

इसका कारण यह था कि राष्ट्रीय गान के अनिवार्य होने के कारण लोगों से कई जगह पर भेदभाव की घटनाएं सामने आने लगी थी। कई बार विकलांग तथा बुजुर्ग लोग जो खड़े नहीं हो सकते उन्हें राष्ट्रगान बजते वक्त खड़ा ना होने पर मारपीट और दुर्व्यवहार भी किया जाने लगा।

फिर 2017 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नया संशोधन किया गया कि सिनेमा घर मनोरंजन के लिए लोग जाते हैं, यहां पर राष्ट्रीय गान ना गाने या फिर राष्ट्रगान के समय खड़ा ना होने पर यह नहीं कहा जा सकता कि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय भक्त नहीं है और मात्र इसकी कारण उन पर कोई भी कार्रवाई की नहीं जा सकती सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय लिया गया कि सिनेमाघर में राष्ट्रीय गान गाने और बजाए जाने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया जाए।

राष्ट्रीय गान से जुड़ी रोचक बाते

  • राष्ट्रीय गान को रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था
  • राष्ट्रीय गान को सर्वप्रथम 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गया गया था।
  • राष्ट्रीय गान का प्रकाशन सबसे पहले 1912 ईस्वी में तत्त्व बोधिनी पत्रिका में भारत विविधता शीर्षक से हुआ था।
  • राष्ट्रीय गान को 24 जनवरी 1950 ई को राष्ट्रीय गान के रूप में पूर्ण रूप से अपनाया गया था।
  • राष्ट्रीय गान के पूर्ण संस्करण को गाने में 52 सेकंड का वक्त लगता है।
  • राष्ट्रीय गान को गाते वक्त सावधान की मुद्रा में होना आवश्यक है।
  • राष्ट्रीय गान का उल्लंघन या किसी अन्य तरीके से अपमान करने पर कानूनी रूप से सजा दी जाती है।
  • राष्ट्रीय गान को किसी भी उत्सव और औपचारिक राज्य के कार्यक्रम में गाया जा सकता है।

भारतीय राष्ट्रगान गाने के नियम

ये देश हमलोगों का है इसलिए हमें अपने देश की राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान नही पहुंचाना चाहिए और ना ही हमलोग पहुँचाते हैं लेकिन बात जब देश के आन-बान और शान की हो तो हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए तथा उनका सम्मान करना चाहिए।

जो लोग जाने-अनजाने में देश के गौरव को धूमिल करने की कोशिश करते है उनके लिए दंड की व्यवस्था हैं।

ऐसा करने वालों के खिलाफ Prevention of insults to National Honour Act, 1971(राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुँचने से रोकने के लिये कानून-१९७१) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ अधिकतम तीन वर्ष की कैद का प्रावधान है। राष्ट्रगान के अपमान के लिए प्रिवेंशन ऑफ इन्सल्ट टु नैशनल ऑनर ऐक्ट-1971 के धारा-3 के तहत कार्रवाई होती हैं।

राष्ट्रीय गान के सम्मान के लिए बनाये गये कुछ सामान्य नियम

  • राष्ट्रीय गान को जब भी सुने तो सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाना चाहिए
  • राष्ट्रीय गान का यदि आप उच्चारण कर रहे हैं तो वह बिल्कुल सही होना चाहिए और उच्चारण पूरा करना चाहिए।
  • राष्ट्रीय गान को गाने में 52 सेकंड और संक्षिप्त रूप से गाने में 20 सेकंड लगता है तो आपको इस अवधि में कुछ भी इधर-उधर देखना या हाथ पैर हिलाना नहीं हैं।
  • शैक्षणिक संस्थान जैसे स्कूल कॉलेज आदि जगहों पर दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गान द्वारा करनी चाहिए।
  • राष्ट्रीय गान जब भी बजाया जाए यदि आप सुन की राष्ट्रीय गान बजाया जा रहा है तो किसी भी प्रकार का शोर गोल अशांति या लोगों को परेशान या अन्य आवाज नहीं होनी चाहिए।
  • राष्ट्रीय गान के लिए कभी भी अशोभनीय शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • राष्ट्रीय गान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कभी भी नहीं करना चाहिए।

भारत का राष्ट्रगान (जन गण मन) हिंदी में FAQ

राष्ट्रीय गान किसके द्वारा लिखा गया?

राष्ट्रीय गान रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखा गया।

राष्ट्रीय गान गाने में कितना मिनट लगता है?

राष्ट्रीय गान को गाने में 52 सेकंड का वक्त लगता है।

राष्ट्रीय गान को संविधान सभा में कब अपनाया गया?

संविधान सभा में राष्ट्रीय गान को 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया।

यदि राष्ट्रगान का अपमान करते हैं तो क्या कार्रवाई की जाएगी?

राष्ट्रगान का अपमान करने पर 3 साल की सजा अथवा जुर्माना देना होगा।

राष्ट्रीय गान को सुनते वक्त क्या करना चाहिए?

राष्ट्रीय गान के बजते ही सावधान की मुद्रा में खड़े होना अनिवार्य है।

निष्कर्ष

दोस्तों https://naukrijobs.net/ की इस पोस्ट के माध्यम से आप जानोगे कि भारतीय राष्ट्रीय गान हिंदी में कैसे पढ़ा जाता है, और इसे कैसे लिखा जाता है। राष्ट्रीय गान का इतिहास क्या है। राष्ट्रीय गान का संपूर्ण संस्करण क्या है और राष्ट्रीय गान का छोटा संस्करण क्या है, एक राष्ट्रीय गान को पढ़ने में कितना समय लगता है और राष्ट्रीय गान का अर्थ हिंदी में इस पोस्ट पर बताया गया है- साथ ही राष्ट्रीय गान पर सन 2017 में प्रतिबंध क्यों लगाया गया उसकी भी जानकारियां दी गई है। हम आशा करते हैं कि यह पोस्ट आपके लिए लाभकारी होगा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर आप कमेंट बॉक्स में अपना सवाल पूछ सकते हो।

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